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Showing posts from September, 2020

उसकी याद आई

⭐  मुझे उसकी याद आयी ।         बड़े दिनों बाद आई । खबर मिली थी वो तो खुश है मेरे बग़ैर । दर्दों से भरी शाम क्या गुज़री । अष्रो से भरी रात आयी ।। ⭐  लगता है भुला दिए हैं उसने वादे बफाई के। अब घैरों को संदेशे देने की बात आई ।       मेरी कब्र में मेरी लाश हुई ख़त्म।       उसकी झोली में पूरी कायनात आई। इश्क़ के खेल में अनजान हार गया । चांदनी रातों के बाद अंधेरी रात आई ।। ⭐  काफिले भी खाली थे तब उस दर के । दर उसके पर जब इश्क़ की मेरे फ़रियाद आई।          अब सुना है किस्से ख़त्म नहीं होते ।          उसके चाहने वालों के। मेरी लाश क्या डूबी । उसकी सांसों में सांस आई ।। ⭐  मेरी खबर में मेरा नाम नहीं । उसकी कागज़ की नांव आई ।         अब पर्दा तो रुकसत हो चुका उसकी बफायी का ।          उसकी आंख तक ना नम हुई ।          मेरी आंसुओं की बरसात आई । लगता तबीयत ठीक नहीं खयालों की । महफ़िल मोहब्बत की सजी और ...