⭐ मुझे उसकी याद आयी । बड़े दिनों बाद आई । खबर मिली थी वो तो खुश है मेरे बग़ैर । दर्दों से भरी शाम क्या गुज़री । अष्रो से भरी रात आयी ।। ⭐ लगता है भुला दिए हैं उसने वादे बफाई के। अब घैरों को संदेशे देने की बात आई । मेरी कब्र में मेरी लाश हुई ख़त्म। उसकी झोली में पूरी कायनात आई। इश्क़ के खेल में अनजान हार गया । चांदनी रातों के बाद अंधेरी रात आई ।। ⭐ काफिले भी खाली थे तब उस दर के । दर उसके पर जब इश्क़ की मेरे फ़रियाद आई। अब सुना है किस्से ख़त्म नहीं होते । उसके चाहने वालों के। मेरी लाश क्या डूबी । उसकी सांसों में सांस आई ।। ⭐ मेरी खबर में मेरा नाम नहीं । उसकी कागज़ की नांव आई । अब पर्दा तो रुकसत हो चुका उसकी बफायी का । उसकी आंख तक ना नम हुई । मेरी आंसुओं की बरसात आई । लगता तबीयत ठीक नहीं खयालों की । महफ़िल मोहब्बत की सजी और ...