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ना हुआ


फ़कत चाहा बस तुझे,
तुझे भुलाना ना हुआ,

उम्र भर का सफ़र गुज़रा,
तेरा आना ना हुआ,

मुद्दतौ बाद भी पकड़े रखा तस्वीर को,
मंज़ूर गवाना ना हुआ,

निकला तो था घर से में,
तुझ तक आना ना हुआ,

आकर कुछ कहता तुझको,
इतना सेयाना ना हुआ,

दूर से ही देखता रहा तुझको,
पास आना ना हुआ,

तु आवाज़ दे में हूं कहुँ
वो सिलसिला ना हुआ,

वादे तो बहुत टूटे,
निभाना ना हुआ,

अब आंसु अंधेरों में छुपा गया,
दिखाना ना हुआ,

जीने के सिवा ना रहा कोई रास्ता,
मर जाना ना हुआ,

जो भी हुआ हम बिछड़े ही ,
मशहूर याराना ना हुआ,

देखा तेरे बाद भी बहुतों को,
दिवाना ना हुआ,

सब नया-नया सा है अब भी ,
कुछ पुराना ना हुआ,

तु भी मुझे चाहने लगे,
ये अफ़साना ना हुआ,

फ़कत चाहा बस तुझे,
तुझे भुलाना ना हुआ।



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